शुक्रवार, 13 जुलाई 2007

अपनी समझ में तो कुछ नहीं आया

कल तारीख 13 जुलाई 2007 को सारे चैनल्‍स पर एक ही खबर थी , 14 साल के कक्षा 8 पास राजेश की जो सहारनपुर के पास किसी गॉंव का रहने वाला है जिसकी मॉं मजदूरी करती है पिता अर्द्वपागल है
जो अब हिन्‍दी भूल गया है और अब अमेरिकन लहजे में अग्रेंजी में बात करता है
चैनल्‍स में उसे बी टैक के छात्रो को पढाते दिखया जा रहा था ।
अपने तो कुछ समझ में नही आया ।

क्‍या आप कुछ समझे

2 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

धन्यवाद! आपने मेरी कविताएं पढीं, मेरा प्रयास सार्थक हुआ। मैनें फिर से लिख्नना शुरू कर दिया है| आपका ब्लोग पढा, अच्छी सूचनाओं का स्रोत है| लिखते रहें हम पढते रहेंगे|

सादर,
आशुतोष

Sanjeet Tripathi ने कहा…

आपका चिट्ठा अब तक मेरी नज़र से बचा हुआ था।
अब अपन टपक ही गए यहां!!
शुभकामनाएं