कोई तो बतायें
कोई मुझें नेट पर बच्चों के नाम की साइट बता सकता है क्या ।
मै और मेरा ब्लाग
कोई मुझें नेट पर बच्चों के नाम की साइट बता सकता है क्या ।
प्रस्तुतकर्ता
हरिमोहन सिंह
पर
11:34 am
1 टिप्पणियाँ
लोगो अगर हिन्दुस्तान अमेरिका बन जाये तो कैसा होगा
अमेरिका जैसा होगा । सीधी सिम्पल बात
लेकिन भइया बहस ही करनी है तो फिर
मुददे कि बात तो ये है कि अमेरिका बनने के बाद सारे हिन्दी ब्लागरों के पास अइसन फालतू की बहसवा का टाइम नहीं रहेगा । रहेगा का
दूसरी चीज जो समझ में आती है कि हमारी आधी आबादी फिर आबादी बढाने में इन्टरेस्ट कम लेनी लगेगी , बस आबादी की प्रोब्लम साल्व
तीसरी बात हमारा प्रिय पडोसी कनाडा बनेगा या क्यूबा सोचना
चौथी बात सीता रीटा कैटरीना और शायद गीता से फिर हमारा मिलन होगा
पाचंवी बात लादेन महान की , तब हम लादेन को अपने प्यारे रूस - मतलब समझो यार - के खिलाफ मेक्सिको में यूज करने के बाद - परेशान रहेगें कि अब इसका क्या किया जाये और लादेन महान हमारी कुतुबमीनार को उडा देगा , दूसरी कहॉं से गिरायेगा । अमेरिका बनने के बाद भी हम दूसरी कुतुमीनार बनायेगें ही नहीं । जब लादेन दूसरी कुतुबमीनार को ढूढता फिरेगा तब हम उसे पकड कर जेल में डाल देगें । जेल से छूटने के बाद लादेन यहॉं पर सीनेटर का चुनाव लडेगा और वोट पाने के लिये दो कुतुबमीनार बनायेगा । एक उनके लिये जिन्हे एक कुतुबमीनार टूटने का गम हुआ और दो उनके लिये जिन्हे इस बात का गम हुआ कि हाये लादेन ने दो क्यो नहीं तोडी ।
तीन नहीं दो ही बनायेगा । अपनी कन्फयुजियत से खुश मती होओ ।
अगर अपनी कन्फयुजियत से खुश हो गये तो फिर तुम कभी भी अमेरिका महान नही बन पाओगे ।
टैगः anugunj, अनुगूँज" rel=tag>अनुगूँज
प्रस्तुतकर्ता
हरिमोहन सिंह
पर
11:23 am
2
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कल तारीख 13 जुलाई 2007 को सारे चैनल्स पर एक ही खबर थी , 14 साल के कक्षा 8 पास राजेश की जो सहारनपुर के पास किसी गॉंव का रहने वाला है जिसकी मॉं मजदूरी करती है पिता अर्द्वपागल है
जो अब हिन्दी भूल गया है और अब अमेरिकन लहजे में अग्रेंजी में बात करता है
चैनल्स में उसे बी टैक के छात्रो को पढाते दिखया जा रहा था ।
अपने तो कुछ समझ में नही आया ।
क्या आप कुछ समझे
प्रस्तुतकर्ता
हरिमोहन सिंह
पर
5:59 pm
2
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